घटते राजस्व के बीच फिर कर्ज लेगी छत्तीसगढ़ सरकार, प्रतिभूतियां बेचने की तैयारी

टीम न्यूज़ रिवेटिंग

रायपुर, दिसंबर 25

प्रदेश में घटते राजस्व के बीच एक बार फिर छत्तीसगढ़ सरकार एक हज़ार करोड़ रूपए का कर्ज ले रही है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने 6 साल की अवधि के साथ 1000 करोड़ रुपये की राशि के लिए नीलामी के माध्यम से प्रतिभूतियां बेचने की पेशकश की है। यह नीलामी 29 दिसंबर 2020 (मंगलवार) को भारतीय रिज़र्व बैंक कोर बैंकिंग समाधान (ई-कुबेर) प्रणाली का उपयोग करते हुए आयोजित की जाएगी, भारतीय रिज़र्व बैंक ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया ।

प्रत्‍येक स्‍टॉक की बिक्री की अधिसूचित राशि के 10 प्रतिशत तक सरकारी स्‍टॉक का आबंटन पात्र व्‍यक्तियों और संस्‍थाओं को गैर-प्रतिस्‍पर्धी नीलामी सुविधा योजना के अनुसार प्रति स्‍टॉक एकल बोली के लिए उसकी अधिसूचित राशि की अधिकतम 1 प्रतिशत की सीमा तक किया जाएगा।

बोलीकर्ता द्वारा प्रत्‍याशित प्रति वर्ष प्रतिलाभ प्रतिशत दो दशमलव अंकों तक प्रस्‍तुत किया जाए। निवेशक प्रतिफल अथवा मूल्य के समान / विभिन्‍न दरों पर एक से अधिक प्रतिस्‍पर्धी बोलियां भारतीय रिज़र्व बैंक कोर बैंकिंग समाधान (ई-कुबेर) प्रणाली का उपयोग करते हुए इलेक्ट्रॉनिक स्वरूप में प्रस्‍तुत कर सकता है। तथापि, बोलीकर्ता द्वारा प्रस्‍तुत की गई बोलियों की सकल राशि प्रत्‍येक राज्‍य के लिए अधिसूचित राशि से अधिक नहीं होनी चाहिए।

भारतीय रिज़र्व बैंक अधिकतम प्रतिलाभ/न्यूनतम मूल्य निर्धारित करेगा जिस पर बोलियां स्‍वीकृत की जाएंगी। प्रतिभूतियां ₹ 10,000 की न्‍यूनतम सांकेतिक राशि तथा उसके बाद ₹ 10,000 के गुणज़ों में जारी की जाएंगी।

इस नीलामी के परिणाम 29 दिसंबर 2020 (मंगलवार) को घोषित किए जाएंगे और सफल बोलीकर्ताओं को भारतीय रिज़र्व बैंक के मुंबई तथा संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों में 30 दिसंबर 2020 (बुधवार) को बैंकिंग कामकाज़ के समय भुगतान करना होगा।

छत्तीसगढ़ के अलावा 14 राज्य सरकारों ने नीलामी के माध्यम से कुल ₹ 18,604 करोड़ (अंकित मूल्‍य) की राशि के लिए प्रतिभूतियों की बिक्री का प्रस्ताव किया है।