सैम, ये भारत है!

सैम पित्रोदा जो भी सोचते है या योजना बनाते है, उसका केंद्र अमेरिका होता है। उनकी सोच और दृश्टिकोण अमेरिका को लेकर होती है जबकि भारतीय संस्कृति ठीक इसके विपरीत है।